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अहसास

कुछ जज्बात जो दिल की गहराइयों में दफ़न हों कभी कभी लफ्जों में बयां हो ही जाते है ऐसेही कभी बातो बातों में किसी ने पुछा था कि रिश्ता है क्या हमारे बीच..
तब दिल के जज़्बात जबाँ पर तो न आ सके पर उन्हें लफ़्ज़ों का रूप जरूर मिल गया था...

न जाने रिश्ते कैसे कुछ लोगो के साथ हुआ करते है,
शायद कुछ खट्टे मीठे, शायद कुछ गहरे उथले,
बेनाम सा बस अहसास हुआ करते है..
न समय बिताया हो ज्यादा, भले न लंबी लंबी बातें हों,
कुछ खैर खबर भी न रखते हो,और गाहे गाहे मुलाक़ातें हों,
फिर भी न जाने दिल के इतने पास हुआ करते है,
बेनाम सा बस अहसास हुआ करते है..
अभी अभी जो मेरी समझ का एक हिसाब माँगा है मुझसे,
तुम क्या सोचते नहीं पता पर ऐसे ही तुम जुड़े हो मुझसे,
और कहूँ क्यूँ समझदार को तो इशारे काफी हुआ करते है,
कुछ रिश्ते बस बेनाम सा अहसास हुआ करते है...
आम होकर भी बहुत खास हुआ करते है..

-"आशना"

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